अपनी आखों के इलाज के लिए नई दिल्ली पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सवालों के सीधे जवाब देने से बचते दिखे. दिल्ली में मंगलवार को जब नीतीश कुमार से जनसंख्या नियंत्रण कानून के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मामले का खुलकर समर्थन नहीं किया. लेकिन राजनीतिक तौर पर कोई नुकसान न हो इसकी भरपाई भी वे करते दिखे. उन्होंने कहा कि बिहार में जनसंख्या पहले ज्यादा थी लेकिन अब नहीं.

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि एक सर्वे में ये बात सामने आई थी कि यदि लड़की मेट्रिक पास है तो जनसंख्या औसत में देश के बराबर बिहार है. यदि लड़की 12वीं पास है तो जनसंख्या औसत में देश से कम पर बिहार है. इसी के साथ उन्होंने अचानक बात को पलटा और कहा कि इसके बाद फैसला लिया गया कि हर पंचायत में उच्च माध्यमिक विद्यायल की स्थापना की जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि लड़कियां पढ़ेंगी तो प्रजनन प्रतिशत कम होगा.

हम पहले से ही कर रहे थे काम
नीतीश कुमार ने इस दौरान बात को खत्म करने के लिहाज से कहा कि प्रजनन दर को कम करने के लिए बिहार में पहले से ही काफी काम हो रहा था. और इसके अब परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं. नीतीश ने कानून का सीधे सीधे समर्थन तो नहीं किया लेकिन उन्होंने कहा कि बिहार में धीर धीर जनसंख्या दर कम होगी.
Source : News18






