बिहार में कई शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है. दरअसल धूल कण की मात्रा में जिस तरीके से बढ़ोतरी हुई है उसका सीधा असर प्रदूषण पर पड़ा है. यही कारण है कि बिहार में बिहारशरीफ (BiharSharif) पानीपत के साथ देश के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में टॉप (Most Polluted City) पर पहुंच गया है. सोमवार को दोनों शहर का एक्यूआई (AQI) लेबल 414 रिकॉर्ड किया गया है. दोनों शहरों की अगर बात करें तो महींन और मोटे दोनों तरह के धूल कण की मात्रा 5 से अधिक रही है.

वायु प्रदूषण विशेषज्ञों के हिसाब से बिहारशरीफ में धूल कण और धुआं दोनों की मात्रा अधिक है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक के अनुसार अगर एक यूआई 400 से अधिक चला जाता है तो वहां की हवा बहुत गंभीर हो जाती है. यह लेवल रेड जोन में आता है और इस तरह की हवा में सांस लेना साथ के लिए बेहद हानिकारक माना जाता रहा है. बिहार के विभिन्न शहरों की अगर बात कर ली जाए तो बिहारशरीफ में एक्यूआई लेबल अगर 414 है तो पटना में यह 301 है, जो बहुत खतरनाक स्तर का है. मुजफ्फरपुर में एक्यूआई 369, बक्सर में 359 है जो बहुत खराब माना जाता है. छपरा में एक्यूआई 353 है और वो भी बहुत खराब माना जाता है. सहरसा का एक्यूआई 352, कटिहार में 345, किशनगंज में 335, पूर्णिया में 335, भागलपुर में 332, सासराम में 319, मोतिहारी में 291 है.

हाजीपुर में एक्यूआई 273 है जो खराब की श्रेणी में आता है. अभी करोना का संक्रमण जिस तरीके से बढ़ा है वैसे में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण एक गंभीर चुनौती है क्योंकि वायु प्रदूषण का असर सीधे फेफड़े पर दिखता है. मास्क पहनना इस दिशा में बेहतर और कारगर उपाय हो सकता है।
Source: News18
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