प्रखंड के जनेरवा घाट पर तीन माह की बीमार बच्ची की इस वजह से मौत हो गई कि उसे इलाज को ले जाने के लिए समय पर नाव उपलब्ध नहीं हो पाई। जबकि प्रखंड कार्यालय के पास भोला चौक पर एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम चार नावों के साथ तैनात थी।

बच्ची के परिजनों का कहना है कि सोमवार को शाम के 6.30 बजे से रात 8 बजे तक फोन कर बोट उपलब्ध कराने की गुहार अंचल प्रशासन से लगाते रहे, लेकिन नाव नहीं पहुंची। जब बच्ची की मौत हो गई तब बोट करीब नौ बजे रात के बाद पहुंची। कारण बताया गया कि रोशनी नहीं होने के कारण बोट नहीं जा सकती थी।

जबकि रोशनी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी प्रशासन की थी। ग्रामीणों का कहना था कि टॉर्च की रोशनी में भी बोट आ सकती थी। बच्ची अपनी मां के साथ ननिहाल आई थी। इधर, सीओ मणि कुमार वर्मा ने बताया कि अंधेरे में रेस्क्यू मुश्किल होता है। टीम गई लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो गई थी।
Input: dainik bhaskar






