मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार शाम कैबिनेट की बैठक में कुल 17 एजेंडों पर मुहर लगाई गई. मुख्य सचिवालय में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए. नीतीश कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए बालू खनन कार्य संवेदकों के माध्यम से अगले आदेश तक करने और 2019 के बंदोबस्तधारियों से मिली 10% प्रतिभूति राशि 267.83 करोड़ वापस करने की स्वीकृति दी है. कैबिनेट की मीटिंग में बाल्मीकि नगर में 102 कमरों वाला कन्वेंशन सेंटर बनाने का फैसला लिया गया है. यह कन्वेंशन सेंटर 120 करोड़ 21 लाख की लागत से बनना है जो 4 ब्लॉक में बनाया जाएगा. इसके अलावा 5 डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.

गोपालगंज के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ असलम हुसैन को अनधिकृत रूप से लगातार अनुपस्थित रहने के कारण सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त गया के अतरी के पीएचसी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कविंद्र प्रसाद सिंह को जबरन रिटायरमेंट दे दिया गया है. किशनगंज सदर हॉस्पिटल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुनील कुमार चौधरी को भी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. साथ ही किशनगंज क्षेत्र का छतरगछ रेफरल अस्पताल के डॉक्टर शिवानी सिंह को भी सेवा से बर्खास्त किया गया है. पूर्णिया सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मोहम्मद सबाह अंसारी को भी बर्खास्त किया गया है.

बैठक में यह फैसला लिया गया है कि अब बालू घाटों का टेंडर किया जाएगा. बंदोबस्तधारियों से प्राप्त 10 फ़ीसदी प्रतिभूति राशि वापस की जाएगी. 10 नवंबर 2021 का जारी आदेश वापस ले लिया गया है. अवैध खनन को रोकने के लिए कैबिनेट ने इस तरह का फैसला लिया है.

Source : News18

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