छपरा में नगर थाना क्षेत्र के तेलपा मोहल्ले में बालू कारोबारियों से अवैध वसूली (Illegal Recovery) कर रहे पुलिसकर्मियों को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. दरअसल बुधवार को पुलिस पर पैसे लेकर बालू माफिया (Sand Mafia) को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए भीड़ ने दो पुलिसकर्मियों को खदेड़ दिया और दो को बंधक बना लिया, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद भीड़ से छुड़ाया गया. बता दें, सरजू नदी के किनारे बसे तेलपा मोहल्ले में बड़े पैमाने पर बालू का काला कारोबार चल रहा है और लोगों का आरोप है कि पुलिस के संरक्षण में यह पूरा कारोबार चल रहा है. बताया जाता है कि यहां एक दिन पूर्व ही बालू लदे ट्रैक्टर से कुचलकर एक स्कूली छात्रा की मौत भी हो गई थी तब लोगों ने काफी हंगामा किया था और पुलिस से इस कारोबार पर पर रोक लगाने की मांग भी की थी.

लेकिन, इस घटना के अगले ही दिन पुलिसकर्मी (Bihar Police) वसूली के लिए गांव में पहुंच गए जिसके बाद लोग आक्रोशित हो गए और दो पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया. मिली जानकारी के अनुसार घंटों हंगामे के बाद नगर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया. इस मामले में पुलिस कुछ भी कहने से बचती रही.

स्थानीय निवासी बिट्टू कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा रोज अवैध वसूली कर ट्रैक्टर से बालू परिवहन के अवैध कारोबार को संरक्षण दिया जाता है. एक दिन पूर्व बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से क्षान प्रकाश के 5 वर्षीय पुत्री रिधी कुमारी की मौत हो गई थी.

बताया जाता है कि इस मामले को लेकर लोगों ने जिले के एसपी से बालू कारोबारियों पर कार्रवाई करने की मांग की थी. लेकिन, अगले ही दिन कुछ पुलिसकर्मी गाड़ी लेकर अवैध वसूली के लिए पहुंच गए. वसूली करने वाले दो पुलिसकर्मी राणा प्रताप सिंह और कमलेश कुमार फरार हो गए, लेकिन उनके साथ मौजूद दो सिपाही भीड़ के हत्थे चढ़ गए जिनको लोगों ने बंधक बना लिया.
Source: News18
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