योगगुरु बाबा रामदेव के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) की बिहार शाखा अलग-अलग थानों में कम से कम 50 प्राथमिकी दर्ज कराएगी। आयुर्वेद बनाम एलोपैथ को लेकर उपजे विवाद के बाद रविवार को हुई बैठक में आइएमए ने प्राथमिकी दर्ज कराने का फैसला लिया। आइएमए के कार्यकारी अध्यक्ष डा. अजय कुमार और राज्य सचिव डा. सुनील कुमार ने बैठक के बाद बताया कि रामदेव ने एलौपेथ, टीकाकरण और दवाओं के खिलाफ भ्रम फैलाने वाले बयान दिए हैं। उन्होंने कोरोना महामारी में शहीद हुए डाक्टरों और दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों का अपमान भी किया है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बिहार शाखा ने लिया फैसला
इस कारण आइएमए ने रामदेव के खिलाफ कार्रवाई का मसौदा तैयार किया है। आइएमए की बिहार शाखा के पूर्व अध्यक्ष डा. बिमल कारक के अनुसार, प्राथमिकी बिहार के सभी थानों में दर्ज कराई जाएगी। बता दें कि बाबा रामदेव ने कुछ दिन पहले ही बयान दिया था कि कोरोना के दौरान जिन एलोपैथिक दवाओं का इस्तेमाल मरीजों पर किया गया, उसकी वजह से हजारों लोगों की मौत हुई। उनके इस बयान के बाद उत्तराखंड की आइएमए ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजकर माफी मांगने और ऐसा नहीं करने पर सौ करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी थी। आइएमए की केंद्रीय शाखा ने भी इसका विरोध जताया था।

कोरोना संक्रमण से मृत डाक्टर की पत्नी को दिया 10 लाख का चेक
रविवार को हुई बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष डा. अजय कुमार के अलावा डा. सहजानंद प्रसाद सिंह, डा. कैप्टन विजय शंकर सिंह, डा. बसंत कुमार, डा. बिमल कारक, डा. सुनील कुमार समेत दूसरे कई डाक्टर मौजूद रहे। इससे पहले आइएमए के प्रतिनिधियों ने कोरोना से जान गंवाने वाले मुजफ्फरपुर के डा. अनिल कुमार सिंह की पत्नी डा. सुगंधी कुमार को आइएमए कोविड फंड से 10 लाख रुपये का सहायता चेक सौंपा।
Source : Dainik Jagran






