मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सिंचाई व्यवस्था अधिक से अधिक विकसित हो, इसके लिए सात निश्चय पार्ट- 2 में विशेष कार्य किया जाएगा। राज्य के हर खेत तक पानी पहुंचाएंगे। कृषि के अलावा स्वास्थ्य तथा शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार विकास कार्य किया जा रहा है। लोगों को हर क्षेत्र में पहले की अपेक्षा काफी अधिक सुविधा मिल रही है। बिहार देश का पहला राज्य है, जहां महिलाओं को 50 प्रतिशत तक आरक्षण दिया गया। आज हर तबके से महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। वह बुधवार को मुंगेर जिले के तारापुर में आयोजित विधानसभा स्तरीय एनडीए के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। जनसंवाद के दौरान मुख्यमंत्री क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत हुए। अलग-अलग प्रखंड के कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र की शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। मौजूदा समय में किसानों को खेतों में रबी फसल बोने में बाधक बन रही डीएपी व यूरिया खाद की किल्लत को दूर करने की मांग भी की गयी। क्षेत्र की समस्या सुनने के बाद सीएम ने कार्यकर्ताओं को भरोसा देते हुए कहा कि आपकी बताई कई चीजों पर काम हो रहा है। जो बची समस्याएं हैं वह भी जल्द ठीक हो जाएंगी। सभा समाप्ति के पश्चात मुख्यमंत्री तारापुर के शहीद स्मारक पहुंचे। यहां उन्होंने 15 फरवरी 1932 में शहीद हुए क्रांतिकारियों के स्तूप पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इसके बाद उन्होंने ब्रिटिश कालीन तारापुर थाना भवन का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक के जीर्णशीर्ण भवन को 15 फरवरी 22 के पहले दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। वहीं ब्रिटिश कालीन थाना भवन के सौंदर्यीकरण को लेकर पदाधिकारी को महत्वपूर्ण निर्देश दिया। मुख्यमंत्री थाना भवन का निरीक्षण के बाद सड़क मार्ग से ईदगाह मैदान गाजीपुर पहुंचे। वहां से हेलिकॉप्टर में सवार हो पटना के लिए गए। कार्यक्रम में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, पूर्व मंत्री शैलेश कुमार, तारापुर विधायक राजीव कुमार सिंह, रोहित चौधरी के अलावा एनडीए के अन्य नेता मौजूद थे।

महाने बीयर जलाशय का जीर्णोद्धार होगा
इससे पूर्व सीएम संग्रामपुर प्रखंड की कटियारी पंचायत के झरना गांव के समीप महाने बीयर सिंचाई परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने जलाशय के जीर्णोद्धार की बात कही। कहा कि संग्रामपुर प्रखंड के अलावा टेटिया बंबर प्रखंड की आधा दर्जन पंचायतों के खेतों तक सिंचाई की समस्या खत्म हो जाएगी। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के कार्यकाल में महाने बीयर केनाल का निर्माण वर्ष 1965 में हुआ था। लेकिन लगभग 20 वर्ष से केनाल जीर्णशीर्ण हो गया है। गौरतलब है कि चानकेन सिंचाई योजना के जीर्णोद्धार से हवेली खड़गपुर, तारापुर और बरियारपुर प्रखंड के 7 पंचायत के 39 गांव के किसान लाभान्वित होंगे।
Source : Hindustan

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