औरंगाबाद. बिहार के औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र के शमशेरनगर पीड़ी गांव में लूटपाट और हत्या मामले के आरोपियों को पकड़ने के लिए गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों के हमले में गंभीर रूप से घायल दारोगा बिरेन्द्र कुमार पासवान की मौत हो गई. रविवार को उन्होंने पटना के पारस अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली. घायल दारोगा बिरेन्द्र कुमार पासवान को पहले दाउदनगर लाया गया था. जहां एक निजी अस्पताल में इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिये उन्हें पटना रेफर कर दिया था.

पुलिस अधीक्षक (एसपी) कान्तेश कुमार मिश्र ने बताया कि 27 जनवरी की रात दाउदनगर थाना क्षेत्र के नानू बिगहा बालू घाट पर हुई लूटपाट और हत्या मामले के आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस टीम गई थी. आरोपियों की धर पकड़ के दौरान ग्रामीण उग्र हो गये और उन्होंने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया. इस दौरान एक घर की छत से लोहे की कीलयुक्त भारी चीज से दारोगा बिरेन्द्र पासवान के सिर पर प्रहार किया गया था जिससे उन्हें गंभीर चोट आई. घायल दारोगा के नाक, कान और मुंह से काफी खून बह रहा था. स्थानीय चिकित्सकों द्वारा उन्हें पटना रेफर कर दिया था. पिछले तीन दिन से वो पटना के पारस अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे. मगर रविवार को उनकी मौत हो गई.

एसपी ने बताया कि पुलिस टीम पर हमला मामले में 16 नामजद लोगों को गिरफ्तार किया गया है. शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये छापामारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि हर हाल में ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को सजा दी जाएगी.

बेटी की डोली उठने से पहले दारोगा की उठ गई अर्थी
मृतक दारोगा की बेटी वंदना कुमारी की शादी फरवरी महीने में थी। शादी का कार्ड भी छप गया था. रिश्तेदारों के यहां न्योता दिया जा रहा था. घर में शादी को लेकर खुशी थी, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था. बेटी की डोली उठने से पहले ही दारोगा पिता की अर्थी उठ गई. घटना के बाद से दारोगा के घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है.

मृतक दारोगा के बेटी की 9 फरवरी को तिलक जाना था. जबकि 10 फरवरी को संगीत, 14 को मड़वा, 15 को मेहंदी कार्यक्रम व 16 को बारात आनी थी. दारोगा ने अपनी बेटी की शादी दाउदनगर के एकौनी निवासी ई. विकाश के साथ तय किए थे. हालांकि लड़का पक्ष के सभी लोग रोहतास के बिक्रमगंज में रहते हैं.






