पटना जंक्‍शन के पास स्थित महावीर मंदिर पर हनुमानगढ़ी अयोध्या के दावे के बाद महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने मंदिर में पुजारियों की नियुक्ति को लेकर विज्ञापन निकालने व साक्षात्कार और अनुभव के आधार पर उनकी नियुक्ति करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि न्यास की ओर से बैठक के बाद पुजारी के लिए विज्ञापन निकाला जाएगा। नियमानुसार चयन कर सेवा कार्य में लगाया जाएगा। महावीर मंदिर पटना ही उत्‍तर भारत के सबसे धनी मंदिरों में शुमार है। मंदिर को होने वाली आमदनी से कई अस्‍पतालों और सामाजिक सेवा कार्यों का संचालन होता है।

मुख्‍य पुजारी के लिए ये होनी चाहिए योग्‍यता

आचार्य कुणाल के मुताबिक न्यास समिति को महावीर स्थान के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियुक्त करने, निलंबित, निष्कासित व पदच्‍युत करने या अन्य दंड देने का अधिकार है। मंदिर के मुख्य अर्चक-परमाचार्य यानी मुख्य पुजारी की नियुक्ति न्यास समिति सुनिश्चित करेगी। इसके लिए मुख्य पुजारी अच्‍छे नैतिक चरित्र का हो, आपराधिक रिकार्ड नहीं हो। वे आचार्य या प्रतिष्ठित संत हों।

35 साल होनी चाहिए उम्र

आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि मंदिर के पुजारी की उम्र 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। वे रामानंद संप्रदाय के बाल ब्रह्मचारी हों एवं किसी आश्रम से दीक्षित होने चाहिए। मंदिर में आठ पुजारियों की जरूरत होती है जिसमें एक मुख्य पुजारी होता है। एक दलित पुजारी भी होगा। मुख्य पुजारी के लिए उम्र की कोई बाध्यता नहीं होगी। उन्हें अनुभव के आधार पर मंदिर में रखा जाएगा। मुख्य पुजारी का शारीरिक रूप से स्वस्थ और बाल ब्रह्मचारी होना जरूरी है।

मंदिर के पुजारी को मिलेंगी ये सुविधाएं

मंदिर के पुजारी को रहने-खाने, कपड़े के साथ 10 हजार रुपये प्रतिमाह पारिश्रमिक दिया जाता है। पुजारी चाहें तो स्वे’छा से सेवा कार्य से मुक्त हो सकते हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी को भी सारी सुविधाएं मिलती हैं। पारिश्रमिक के रूप में इन्हें 20 हजार रुपये दिए जाते हैं। आचार्य ने बताया मुख्य पुजारी रघुनाथ दास हैं जिन्हें हर प्रकार की सुविधा दी जाती रही है।

Input: dainik jagran

Muzaffarpur Now – Bihar’s foremost media network, owned by Muzaffarpur Now Brandcom (OPC) PVT LTD

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *