रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) एनटीपीसी सीबीटी-1 परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए छात्रों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया था। बुधवार को राज्यसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की सांसद फौजिया खान ने सदन में कहा कि परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी के मामले की जांच होनी चाहिए। सदन में शून्य काल के दौरान उन्होंने कहा कि रेलवे परीक्षा की प्रक्रिया ने बेरोजगारी और विफल शिक्षा तंत्र को उजागर कर दिया है।

परिणाम की जांच और सुधार हो
सांसद फौजिया खान ने आगे कहा कि बेरोजगारी की समस्या पर विशेषकर बिहार के मामले पर ध्यान देने की जरूरत है। परीक्षा परिणाम लगे गड़बड़ी के आरोपों की जांच और इसमे सुधार होना चाहिए। दरअसल, रेलवे ने 14-15 जनवरी, 2022 को आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा का परिणाम जारी किया था। इसके बाद से ही छात्र परिणाम में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में प्रदर्शन हिंसक भी हो गया था। छात्रों ने कई ट्रनों में आग लगा दी थी तो वहीं, कई स्थानों पर पुलिस ने छात्रों पर बल का प्रयोग भी किया था।

अन्य सांसदों ने भी की जांच की मांग
भाजपा सांसद सुशील मोदी ने सदन में कहा कि पहले ग्रुप-डी की भर्ती में केवल एक परीक्षा का जिक्र था, लेकिन अचानक से यह घोषणा की गई कि अब दो परीक्षाएं होंगी। ग्रुप-डी परीक्षा आईएस और आईपीएस के चयन की तरह नहीं है, इसमें दो परीक्षाओं की कोई जरूरत नहीं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि रेलवे परिणाम की जांच होनी चाहिए और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई एफआईआर को वापस लिया जाना चाहिए।
Source : Amar Ujala








