बिहार में पंचायत चुनाव ईवीएम और बैलट पेपर दोनों से ही कराया जाएगा। बिहार में पंचायत के कुल 6 पद हैं। इनमें से 4 पदों पर का चुनाव ईवीएम से और 2 पदों का चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाएगा। पर्याप्त संख्या में ईवीएम उपलब्धता नहीं हो पाने के कारण राज्य निर्वाचन आयोग ने यह निर्णय लिया है।

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, ग्राम पंचायत मुखिया और ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे। इसके अलावा सरपंच और पंच के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। जिलों को दोनों ही तरीके से चुनाव की तैयारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

तमिलनाडु से नहीं मिला 1 लाख 44 हजार ईवीएम का क्लीयरेंस, इसलिए बैलेट का सहारा
बिहार में पहली बार ईवीएम और बैलट पेपर दोनों से ही चुनाव कराने की तैयारी है। सभी पदों पर ईवीएम से चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को कम से कम चार लाख ईवीएम की आवश्यकता है। अभी तक राज्य निर्वाचन आयोग को करीब ढाई लाख ईवीएम ही उपलब्ध हो पाई है।

देश के अलग-अलग राज्यों से ईवीएम को बिहार लाया जाना है। तमिलनाडु में करीब 1 लाख 44 हजार एम टू मॉडल की ईवीएम उपलब्ध हैं, लेकिन अभी तक तमिलनाडु ने बिहार को ईवीएम उपलब्ध कराने को लेकर क्लीयरेंस नहीं दी है। इसके कारण ईवीएम की कमी हो रही है।
आयोग के सचिव योगेंद्र राम ने कहा कि सभी पदों के लिए ईवीएम से चुनाव ईवीएम की उपलब्धता पर निर्भर करता है। अगर पर्याप्त संख्या में ईवीएम उपलब्ध हो जाती है तो सभी पदों के लिए ईवीएम से चुनाव करा लिया जाएगा।

किस पद की कितनी संख्या
अक्टूबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
पंचायत का चुनाव की घोषणा जुलाई में हो सकती है। आयोग नेे 10 चरणों में चुनाव का निर्णय लिया है। बड़े जिलों और छोटे जिलों के लिए उसी हिसाब से चरण तय किए जाएंगे। सरकार को इस बाबत प्रस्ताव भेजा जाएगा और अगले महीने के मध्य तक चुनाव की घोषणा हो सकती है।
अगस्त में मतदान की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। अक्टूबर तक चुनाव करा लेने का लक्ष्य रखा गया है। आयोग के अधिकारियों के अनुसार जिलों में पंचायत का चुनाव कई चरणों में होगा। दो प्रखंडों में एक साथ मतदान कराने की तैयारी है। वोटिंग के बाद काउंटिंग भी करा ली जाएगी।
Input: dainik bhaskar





