पटना. लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव अपनी दुल्हन रशेल उर्फ राजश्री को लेकर पटना आ गए हैं. सोमवार की रात पटना पहुंचने पर राजद से जुड़े लोगों ने नव दंपति का शानदार तरीके से स्वागत किया गया. राबड़ी देवी ने भी घर आने पर बहू और बेटे का स्वागत परंपरात शैली में किया. लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव और भाभी राजश्री के स्वागत की तस्वीरों को सोशल मीडिया में बड़े ही शानदार तरीके से शेयर किया है.
रिश्तों की नई डोर है, ख़ुशियों की भोर है.
यह रिश्ता प्रेम, अपनत्व, भरोसे, अपनापन का संगम है. यह एक नई सुखद भोर की शुरुआत है. एक नए सपने की शुरुआत है.
यह ज़िम्मेदारी और नए एहसास का सफ़र है. यह समय है ख़ुशियों में शरीक होने का. यह समय है एक बेटी के कदमों को घर में पूजने का. pic.twitter.com/LsvpA3akV5
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) December 14, 2021
रोहिणी तेजस्वी की शादी को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी भावनाओं के साथ कई तरह के पोस्ट करती रही हैं. भाभी रशेल के पटना आगमन के बाद दूसरे दिन सुबह सुबह रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर से सोशल मीडिया में तस्वीरों के माध्यम से पोस्ट शेयर किया है. बहुत ही सुंदर पंक्तियों के साथ रोहिणी आचार्य ने लिखा है..रिश्तों की नई डोर है, ख़ुशियों की भोर है. यह रिश्ता प्रेम, अपनत्व, भरोसे, अपनापन का संगम है. यह एक नई सुखद भोर की शुरुआत है. एक नए सपने की शुरुआत है. यह ज़िम्मेदारी और नए एहसास का सफ़र है. यह समय है ख़ुशियों में शरीक होने का. यह समय है एक बेटी के कदमों को घर में पूजने का. यह वक्त है बड़े – बुजुर्गों द्वारा प्रेम-आशीर्वाद देने का.
रोहिणी ने लिखा है एक दूसरे के हाथ थामे इस प्यारे जोड़े को अभी सिर्फ़ और सिर्फ़ आपके मोहब्बत की ज़रूरत है. जो उम्र में बड़े हैं सर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दीजिए. जो छोटे हैं, वह अपना प्यार दीजिए. रोहिणी आचार्य ने इससे आगे लिखते हुए इससे शादी पर सवाल उठाने वालों को भी कुछ कहा है उनका इशारा अपने मामा साधु यादव की तरफ है. रोहिणी ने लिखा है- सुखद बेला में कुछ भी न अशुभ बोला जाता है. न पूछा जाता है. इतनी साधारण समझ हम सब में होनी चाहिए. रोहिणी आचार्य ने अपने भाई और भाभी के लिए लोगों से गुजारिश भी की है रोहिणी ने कहा है की. ख़ुशियों के इस नई सुबह को दोनों को जीने दीजिए. जो निजी है उसे निजी रूप में हम सबको स्वीकार करना सीखना होगा.
मानवीय गुणों की चर्चा करते हुए रोहिणी ने लिखा है कि इतनी साधारण सलाहियत नहीं है तो फिर खुद पर विचार करने की भी ज़रूरत है. रोहिणी इतने पर भी नहीं रुकती हैं उन्होंने मीडिया के लिए भी कुछ नसीहत और मर्यादा की चन्द पंक्तिया लिखी है और उनसे मानवीय गुणों की अपेक्षा की है. रोहिणी लिखती हैं. मीडिया के साथियों से भी अनुरोध है आप सब भी इन साधारण मानवीय गुणों को आत्मसात करें. अंत मे नये विवाहित जोड़े के लिये भविष्य की ढेर सारी शुभकामनाएं देने वाली रोहिणी लिखती हैं- दोनों को फिर से ढ़ेर सारी शुभकामानएँं. हमेशा ख़ुश रहो, प्रसन्न रहो. हाथ थामे – थामे बढ़ते जाना है, एक दूसरे का साथ निभाते जाना है.
Source : News18
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