बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट का नारा देकर नीतीश कुमार को कटघरे में खड़ा करने वाले सांसद चिराग पासवान को जमुई की जनता तलाश रही है। इसके लिए जनशक्ति विकास पार्टी ने कचहरी चौक पर लापता होने का पोस्टर लगाया है। सांसद की जानकारी देने वाले के लिए ईनाम भी रखा गया है लेकिन ईनाम की राशि का खुलासा नहीं किया गया है। पोस्टर में जमुई की माटी का हूं यहीं से लड़ूंगा चुनाव का पुराना बयान चस्पा कर सवाल पूछा गया है कि चुनाव ही लड़ेंगे या इस कोरोना जैसी आपदा में जमुई की माटी का कर्ज भी उतारेंगे। चिराग के लापता होने का पोस्टर लगाए जाने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। विरोधी चटकारे लेकर इसे इंटरनेट मीडिया पर वायरल करने में कोई भी कसर बांकी नहीं छोड़ रहे। वहीं युवा वर्ग भी पोस्टर के साथ और भी कई तीखे सवाल दाग सांसद समर्थक को निरुत्तर कर दिया है।

लापता सांसद के शहर में लग गए पोस्टर

गत विधानसभा चुनाव के बाद लंबे समय से चिराग पासवान के अपने निर्वाचन क्षेत्र से गायब रहने को लेकर मंगलवार को जनशक्ति विकास पार्टी (डे.) द्वारा शहर के कचहरी चौक पर लापता होने के दर्जनों पोस्टर और बैनर लगा दिए गए। पोस्टर लगाए जाने के बाद अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि लोगों ने माना है कि सांसद लंबे समय से जमुई में दर्शन नहीं दिए हैं इसलिए आम जनता में उनके प्रति असंतोष देखा जा रहा है। खास करके कोरोना काल में उनकी अनुपस्थिति को लेकर जमुई के आम लोगों के बीच खासी नाराजगी है। पोस्टर लगाने वाले जनशक्ति विकास पार्टी (डे.) के जमुई निवासी संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि माननीय सांसद चिराग पासवान जमुई लोकसभा के 18 लाख वोटरों के प्रतिनिधित्वकर्ता है। क्षेत्र की जनता के प्रति उनकी अपनी जबाबदेही है।

खासकर कोरोना जैसी आपदा में उनका गायब रहना दुखद है। चुनाव के वक्त जमुई को अपनी मां और माटी बताकर वोट लेने वाले सांसद अगर विपदा काल में लापता हैं तो यह लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण और जमुई की जनता के लिए छलावा है। अगर यही रवैया रहा तो आगामी लोकसभा चुनाव में उनकी विदाई सौ फीसदी तय है। वैसे भी सात वर्षों के कार्यकाल में उनके द्वारा विकास के नाम पर सिर्फ हवाबाजी और चिट्ठी बाजी की गई है। आधारभूत संरचना की बात तो छोड़िए सड़क पानी बिजली जैसी आम जरूरतों के लिए भी उनका प्रयास नगण्य है। उन्होंने आगे कहा कि हो सकता है कि बिहार विधानसभा में अपनी करारी हार के बाद वो डिप्रेशन में चले गए हों। इसलिए वो अपने क्षेत्र से गायब है। पोस्टर में इस बात का भी जिक्र है कि लापता सांसद के पता बताने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा। अब यह देखना होगा कि इस पोस्टर बाजी के बाद सांसद कितना जगते है और जमुई की जनता को कब दर्शन देते है।

टाइफाइड से ग्रसित है सांसद

सांसद चिराग पासवान पिछले डेढ़ महीना से टाइफाइड से ग्रसित हैं। इस बात की जानकारी ट्वीट कर उन्होंने दी थी। लोजपा के जिलाध्यक्ष जीवन सिंह बताते हैं कि सांसद चिराग पासवान ने जितना कुछ जमुई के लिए किया इसके पहले किसी सांसद ने नहीं किया था। इसके बावजूद चंद विरोधियों द्वारा उन्हें लापता बताए जाने का प्रयास राजनीति का घिनौना पन है। यह सभी जानते हैं कि वह अप्रैल माह में टाइफाइड से ग्रसित हो गए थे जिसका असर अब भी उनके ऊपर मौजूद है। नतीजतन वे फिलहाल क्षेत्र में समय दे पाने में असमर्थ हैं। स्वस्थ होते ही एक बार फिर पुराने अंदाज में क्षेत्र में मौजूद रहेंगे। 8 मई को तबीयत खराब होने पर कोरोना जांच कराई परंतु निगेटिव निकला। बाद में बुखार रहने लगा। इसबार जांच में टाइफायड निकला। 13 मई को ट्वीट कर जानकारी साझा किया गया है। अभी भी कमजोरी है। इलाज कर रहे चिकित्सक ने आराम करने की सलाह दी है।

Source : Dainik Jagran

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