पटना. बिहार की राजनीति में जोड़-तोड़ का खेल लगातार जारी है. लोजपा (LJP) से अचानक 5 सांसदों के टूटने के बाद अब बिहार में कांग्रेस (Congress) में बड़ी टूट होने की बात सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक, अगली रणनीति के तहत कांग्रेस को तोड़कर एनडीए (NDA) को मजबूत बनाने की कोशिश है. इसके लिए जेडीयू और बीजेपी दोनों अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं. माना जा रहा है कि कांग्रेस के कई नेताओं ने जेडीयू के साथ आने के संकेत भी दिए हैं. अगर ये अटकलीें सही साबित होती हैं तो जल्द ही बिहार में एक और पार्टी में बड़ी टूट देखने को मिल सकती है.सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के कई नेताओं की जेडयू के नेताओं से बात भी हुई है. बस इंतजार संख्या बल का है.

पार्टी को मजबूत करने के लिए जेडीयू के कई नेता अपने मिशन पर काम कर रहे हैं. कई कांग्रेस नेताओं की बैठक पिछले कुछ दिनों में जेडीयू नेताओं से हुई है. कांग्रेस के पास फिलहाल विधानसभा में 19 विधायक हैं. कांग्रेस को टूटने और दूसरे दल में जाने के लिए दल बदल कानून के मुताबिक कम से कम 13 विधायकों की जरूरत होगी. यह आंकड़ा पूरा होने में मशक्कत हो रही हो. माना जा रहा है कि 13 का आश्वासन मिलते ही कांग्रेस को बड़ा झटका मिल सकता है.

एनडीए के सहयोगी दलों पर भी लगेगा लगाम

हाल के दिनों में जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी के बयानों ने एनडीए में हलचल मचा दी है. जीतन राम मांझी ने पिछले दिनों को-ऑर्डिनेशन कमिटी की मांग और बीजेपी नेताओं पर हमला कर एनडीए में खलबली मचा दी थी. हालांकि, मांझी कहते रहे हैं कि नीतीश के साथ ही हूं पर साथ ही मुकेश सहनी के बयान और सहनी-मांझी मुलाकात ने एनडीए को चौकन्ना कर दिया है. लालू के जन्मदिन के दिन तेजप्रताप का मांझी के घर पहुंच कर लालू से फोन पर 10 मिनट की बात करना एनडीए को सोचने पर मजबूर कर दिया. जेडीयू चाहता है कि कांग्रेस की टूट के बाद सहयोगी दलों के बारगेनिंग पर अंकुश लगे.

Source : News18

Muzaffarpur Now – Bihar’s foremost media network, owned by Muzaffarpur Now Brandcom (OPC) PVT LTD

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *