बिहार में लागू शराबबंदी कानून का कड़ाई से अनुपालन कराने के लिए मद्य निषेध विभाग द्वारा जारी सभी हेल्पलाइन नंबरों पर राज्य के विभिन्न जिलों से लगातार शिकायतें आ रही हैं. सभी जिलों में सबसे ज्यादा मुखर अगर किसी जिला के लोग हैं तो वह है गया और राजधानी पटना. पिछले तकरीबन 1 महीने से इन दोनों जिलों से 1100 से अधिक कॉल हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज किए गए हैं. मद्य निषेध उत्पाद और निबंधन विभाग की मानें तो पिछले 1 महीने में राज्य भर से 5611 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं.

इन शिकायतों में 5553 पर फौरन कार्रवाई भी की गई. गया से सर्वाधिक 590 लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज करवाई जबकी पटना जिले में 580 लोगो ने शिकायत दर्ज करवाईं. मधुबनी जिले से कुल 383 लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज करवाई है. राजधानी पटना से आने वाली शिकायतों में सबसे ज्यादा ग्रामीण और बाहरी इलाकों से शिकायत दर्ज कराई जा रही हैं. ग्रामीण इलाकों से 149 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जबकि एक महीने में ही पटना मध्य जो कि मुख्य शहर इलाका है वहां से केवल 54 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं.

राज्य में करीब 10 जिले ऐसे हैं जहां 50 से भी कम शिकायतें दर्ज कराई गई हैं. सबसे कम 10 शिकायत शिवहर जिले से दर्ज कराई गई है. सूचना मिलने पर इन सभी 10 शिकायतों पर कार्रवाई हुई. इसके बाद किशनगंज से 14, नवगछिया से 15 जबकि कैमूर और बगहा से 17-17 शिकायतें एक महीने में दर्ज कराई गई हैं. लखीसराय, सारण, बक्सर, अरवल, मुंगेर जैसे जिलों से भी कम शिकायतें दर्ज कराई गई हैं. वैसे तो शराबबंदी को लेकर आ रही शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही लेकिन 10 फीसदी मामलों में ही शराब की बरामदगी हो पा रही है.

24 दिसंबर को हेल्पलाइन नंबर के आधार पर 118 जगह मद्य निषेध विभाग ने तलाशी और छापेमारी अभियान चलाया लेकिन इसमें केवल 15 जगह ही शराब की रिकवरी हो सकी, बाकी के 103 जगहों पर शराब की बरामदगी नहीं हो की जा सकी.
Source : News18






