बिहार में जहरीली शराब से पिछले दिनों अचानक 40 लोगों की मौत पर बिहार में लगातार सियासत चल रही है। विपक्ष लगातार बिहार सरकार पर हमलावर है। लेकिन इस बीच सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह साफ कर दिया है कि बिहार में शराबबंदी को और सख्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता के दरबार कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि 16 नवंबर को शराबबंदी की समीक्षा को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे। इसके साथ ही नीतीश कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी तंज कसा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 नवंबर को शराबबंदी की समीक्षा को लेकर मीटिंग करेंगे। इसको लेकर सभी जिलों के आला अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि कहां और किससे गलती हो रही है इन सब का पता लगाकर दोषियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। कुछ लोग तो गड़बड़ी करते ही हैं। इसलिए एक्शन तो तेजी से होगा ही ही। लेकिन इसके साथ ही साथ शराबबंदी को लेकर फिर से एक बार जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब कितनी बुरी चीज है। महिलाओं की शिकायत के बाद सर्वसम्मति से शराबबंदी का निर्णय लिया गया।

नीतीश कुमार ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सबलोग की रजामंदी के बाद शराबबंदी का फैसला हुआ था। विधानसभा और विधानमंडल में सबलोगों ने एकजुट होकर इस फैसले का समर्थन किया। लेकिन आज लोग केवल बयान देते हैं। शिकायत क्यों नहीं करते अगर ऐसी बात कहीं सामने आती है तो। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी का बिना नाम लिए कहा कि आज कुछ लोग कह देते हैं कि हमने मुख्यमंत्री को लिखा दिया है। मुख्यमंत्री ने आपको क्या बनाया था? उन्होंने कहा कि सबको सहयोग करना चाहिए। जो पहले साथ थे वे आज केवल बयान देने में लगे हुए हैं। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी हमारी जिम्मेदारी है तो हम करेंगे। सरकार की तरफ से फिर से अभियान चलाया जाएगा। शराबंबदी को लेकर लोगों को फिर से जागरूक किया जाएगा।
Source : Dainik Jagran
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