शराब बेचने के एक मामले में न्यायाधीश ने आरोपित को आरोप कुबूल करने के बावजूद रिहा कर दिया। अधिक पैसे कमाने के चक्कर में वह शराब के धंधे में जुड़ गया था। जज ने आरोपित को तो बरी कर दिया, लेकिन उससे शराब बिकवाने वाले को ढूंढकर कार्रवाई के निर्देश दिए। मामला नालंदा जिले का है। पुलिस ने आरोपित को शराब बेचने के आरोप में पहली जनवरी 2020 को पकड़ा था। जज को पकड़े गए आरोपित ने बताया था कि वह अपने गांव में ठेले पर अंडे बेचता था। इसी दौरान किसी ने उसे पैसे कमाने के लिए शराब के पाउच बेचने का लालच दिया और वह उसकी बातों में आ गया।

शराब के साथ पकड़ा गया था
पहली जनवरी-20 को शराब की तस्करी के आरोप में करीब 16 वर्षीय बालक को मद्य निषेध विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया था। किशोर न्याय परिषद में मामले की सुनवाई के दौरान किशोर ने स्वीकारा कि वह गांव में ही ठेले पर अंडे बेचता था। बताया कि किसी ने उसे शराब का पाउच लाकर दिया और कहा कि अंडे खाने आने वाले लोग आसानी से शराब खरीद लेंगे। मुझे 10 रुपए प्रति पाउच देने की बात कही, जिसके लालच में आ गया। बताया कि दो दिन बाद ही मुझे गिरफ्तार कर लिया गया। ठेले के नीचे छुपाकर रखी गई 4.5 लीटर देसी शराब बरामद कर ली गई।

किशोर के खिलाफ पहला मामला होने का मिला लाभ
किशोर न्याय परिषद के प्रधान जज मानवेन्द्र मिश्रा ने पाया कि किशोर के विरुद्ध यह पहला मामला है। उसकी उम्र अब 18 हो चुकी है। उसने कहा कि अब वह किसी भी तरह के आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त नहीं होगा। उसके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वह ठेला पर अंडे बेच परिवार का भरण पोषण कर रहा है। दोनों बहन की शादी हो चुकी है। जज ने उसे मुख्यधारा में लौटने का अवसर दे दिया। पुलिस उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल नहीं कर सकी थी।
Source: Dainik Jagran
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