सीतामढ़ी। दो-दो चीनी नागरिक बिना वीजा-पासपोर्ट के हमारे देश में घुस आए और 18 दिन बेखौफ घूमते रहे सुरक्षा एजेंसियां बेखबर रहीं। इतने दिन जहां-तहां घूमते-फिरने के बाद नेपाल में प्रवेश करने के दौरान भारत की सीमा से इनकी गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता पर सवाल खड़ा होने लगा है। बात यहीं खत्म नहीं होती चीन के बुहान शहर के रहनेवाले ये दोनों किराये की कार से नोएडा पहुंचे और वहां से कार से ही सीतामढ़ी के रास्ते नेपाल सीमा तक पहुंच गए। नोएडा पहुंचने और वहां से लौटने तक रास्ते में कहीं इनकी कार चेक नहीं की जा सकी। पुपरी के डीएसपी विनोद कुमार भी मानते हैं कि ये नोएडा में कई जगहों पर घूमे-फिरे। शॉपिग की। लिहाजा, खरीदारी की होगी, भारतीय नोट कहां से आए, एटीएम कार्ड का इस्तेमाल किए होंगे, एटीएम कार्ड कहां से आए, मोबाइल फोन में भारतीय सिम कहां से और कैसे आए ये भी अहम सवाल हैं। जिन परिस्थितियों में चीनी नागरिकों की गिरफ्तारी हुई, वो कहानी एसएसबी व पुलिस बयां कर रही है उससे भी अंदरखाने अभी बहुत राज छुपा हुआ लगता है शायद जिसको वो अनुसंधान प्रभावित होने के अंदेशे से साझा नहीं करना चाहते।

ग्रेटर नोएडा की जेपी ग्रीन सोसायटी में ठहरे थे दोनों दोनों ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रीन सोसायटी में अपने मित्र कैरी के साथ रह रहे थे। कैरी के बुलावे पर ही नेपाल से नोएडा पहुंचे थे। इधर, दोनों की गिरफ्तारी की सूचना के साथ ही उस फ्लैट पर तहकीकात के लिए पुलिस पहुंची तो फ्लैट में ताला जड़ा था। आस-पास के लोगों ने भी उनके बारे में कुछ नहीं बताया। नोएडा पुलिस ने सुरसंड पुलिस से संपर्क किया।

10 जून तक नोएडा में रहकर टैक्सी से ही लौटकर भिट्ठामोड़ के रास्ते नेपाल घुसने की फिराक में थे
24 मई से भारत में रह रहे दो चीनी नागरिक घूम-फिरकर नेपाल में प्रवेश करने से पहले यहां पकड़े गए हैं। चोरी-चुपके भारत में घुसे दोनों चीनी नागरिकों को भारत-नेपाल सीमा पर सीतामढ़ी जिले में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने गश्ती के दौरान संदेह होने पर दबोचा। कंपनी मुख्यालय भिट्ठामोड़ के कार्यक्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले भिट्ठामोड़-जलेश्वर चेक पोस्ट पर गश्ती दल की नजर इनपर पड़ी तो संदेह हुआ। एसएसबी का कहना है कि भारतीय सीमा पार कर नेपाल जाने के क्रम में भारत-नेपाल सीमा स्तंभ संख्या 301 से लगभग 10 मीटर भारत की तरफ से पकड़ा गया। 18 दिनों तक ये दोनों चीनी नागरिक भारत में जहां-तहां आते-जाते रहे मगर उन एजेंसियों को इस बात की भनक तब लगी जब दोनों हिदुस्तान से निकलने की फिराक में थे।

एसएसबी 51वीं बटालियन कि नोएडा से लौटते हुए बार्डर पर ये दोनों पकड़े जा सके। दोनों को शनिवार शाम पौने सात बजे पकड़ा गया। भारतीय सीमा पार कर नेपाल जाने के क्रम में भारत-नेपाल सीमा स्तंभ संख्या 301 से लगभग 10 मीटर भारत की तरफ से पकड़ा गया। इनको पकड़ने के पश्चात 51वीं बटालियन के कार्यक्षेत्र में काम करने वाली सभी संबंधित सहयोगी एजेंसियां भी एक्टिव हो गईं। संयुक्त पूछताछ में पता चला कि दोनों व्यक्ति थाईलैंड से काठमांडू 23 मई को आए और 24 मई को भारतीय सीमा में प्रवेश किए। टैक्सी के द्वारा नोएडा चले गए थे। जहां वे जेपी ग्रीन इलाके में अपने मित्र कैरी के पास 10 जून तक रहे। वहां इतने दिनों तक वे क्या कर रहे थे, उसका मित्र कैरी क्या करता है इन सब सवालों के बारे में पुलिस अभी कुछ नहीं बता पा रही है। सिर्फ इतना बताती है कि नोएडा से टैक्सी से ही यहां भिट्ठामोड़ लौटे। वहां से रिक्शा पर बैठकर सीमा पार करने की फिराक में थे। तभी पकड़ लिए गए।
Source : Hindustan








