बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री रहे मुकेश सहनी को नीतीश मंत्रिमंडल से हटा दिया गया. बर्खास्तगी के बाद विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी ने अपना पहला बयान जारी किया है. मुकेश सहनी ने सोमवार को ट्वीट करते हुए जनता को धन्यवाद दिया और एनडीए के सहयोगियों के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार व्यक्त किया.

मुकेश सहनी ने ट्वीट कर कहा, ‘सोलह महीने के मंत्री कार्यकाल में मैंने बिहार की 13 करोड़ जनता की सेवा करने का कोशिश की. सभी जाति, धर्म के लोगों के लिए काम किया. बिहार के भविष्य के लिए पशुपालन एवं मत्स्य के क्षेत्र में कुछ निर्णायक कार्य को गति भी प्रदान किया.’ उन्होंने अपने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘एनडीए के सभी सहयोगी दल एवं माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को मुझे यह अवसर देने के लिए आभार. मैं निषाद समाज को SC/ST आरक्षण, अतिपिछड़ा समाज के आरक्षण को 15 प्रतिशत बढ़ाने एवं बिहार और बिहारियों के सम्मान और संपूर्ण विकास के लड़ाई के लिए समर्पित हूं.’

बता दें कि बिहार में एनडीए में रहते हुए मुकेश सहनी के उत्तर प्रदेश में बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ने से बीजेपी उनसे काफी नाराज थी. रविवार की दोपहर बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जयसवाल ने मुकेश सहनी के विभाग में खामियों की बात कहते हुए उन पर कार्रवाई करने की बात कही थी. इसके बाद रविवार की ही शाम बीजेपी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुकेश सहनी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने का लिखित अनुरोध किया था. सोमवार को मुकेश सहनी को हटाए जाने से संबंधित पत्र राजभवन से जारी कर दिया गया था.

बिहार BJP अध्यक्ष ने मुकेश सहनी पर फिर बोला हमला
वहीं, सोमवार को राज्यपाल फागू चौहान के निमंत्रण पर राजभवन पहुंचे बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने एक बार फिर मुकेश सहनी पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि मुकेश सहनी ने न केवल राजनीतिक दलों को धोखा दिया है बल्कि उन्होंने मछुआरा समाज के साथ भी विश्वासघात किया है. संजय जयसवाल ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद से मुकेश सहनी कई बार वीआईपी का बीजेपी में विलय की बात कह रहे थे. लेकिन वास्तविकता में वो ऐसा करना नहीं चाहते थे.
Source : News18









