राज्य में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए अब बुलडोजर चलाया जाएगा। अप्रैल से यह अभियान शुरू होगा। अभियान चलाने के लिए हर जिले को 10-10 लाख रुपये दिये गए हैं। शुक्रवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का बजट पेश करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत कुमार ने विधानसभा में यह घोषणा की।

मंत्री ने कहा कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के संबंध में राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्त और सभी समाहर्ता को पत्र लिखा गया है। इसमें गैरमजरूआ आम/खास, खासमहाल, कैसरे हिन्द एवं विभिन्न विभागों के स्वामित्व से संबंधित लोकभूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने को कहा गया है। पटना हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेशों के तहत सार्वजनिक जल निकायों को भी अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। गौर हो कि सभी विभागों को पत्र लिखकर उनकी जमीनों की सूची मांगी गई थी। मगर अब तक किसी विभाग ने ऐसा नहीं किया है।

25 हजार भूमिहीनों को खरीद कर दी जाएगी जमीन
मंत्री ने कहा कि जिन गरीबों का घर जमीन के अभाव में नहीं बन पा रहा है, वैसे 25 हजार लोगों को जमीन खरीदकर दी जाएगी। ऑनलाइन म्यूटेशन में आवेदनों को अस्वीकृत करने के पहले सीओ को वाजिब कारण बताना होगा। बंटवारा संबंधी विवाद को देखते हुए बीएलडीआर एक्ट में संशोधन करने पर विचार किया जा रहा है। दाखिल-खारिज के लिए ऑनलाइन आवेदन मोबाइल से भी लिए जा सकते हैं।

लापरवाह अफसरों पर भी होगी कार्रवाई
यह भी तय किया गया है कि सरकारी भूमि के संरक्षण में शिथिलता या फिर लापरवाही बरतने वाले राजस्व अधिकारियों और कर्मियों को चिह्नित कर विभागीय एवं अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जिन कर्मियों की कर्तव्यहीनता के चलते सरकार को क्षति पहुंचेगी उनसे उक्त सरकारी भूमि के समतुल्य राशि वसूली जाएगी।

विभाग का बजट पारित
विपक्ष के वाकआउट के बीच सदन में विभाग का 13 अरब 32 करोड़ 41 लाख 17 हजार का बजट पारित हो गया। इससे पहले हुए वाद-विवाद में ललित यादव, डॉ रामानुज प्रसाद, जनक सिंह, प्रहलाद यादव, राजेश कुमार, विजय खेमका, राजीव कुमार उर्फ मुन्ना यादव, सत्यदेव राम, जीतन राम मांझी आदि ने विचार रखे।

यह उपलब्धियां गिनाईं
– दाखिल खारिज के 69 लाख 49 हजार 309 मामलों में 59 लाख 86 हजार 192 का निष्पादन
– ऑनलाइन एलपीसी के 2 लाख 94 हजार 611 मामलों में से 2 लाख 75 हजार 965 निष्पादित
– जमाबंदी में सुधार को आए 15 लाख 58 हजार 590 आवेदनों में से 13 लाख 30 हजार 690 सुधरे
– अभियान बसेरा के तहत 88 हजार 711 भूमिहीनों को घर दिलाने में सरकार को कामयाबी मिली
– अभियान दखल-दहानी के तहत भूमि से बेदखल 1 लाख 08 हजार 634 लोगों को दिलाया कब्जा
Source : Hindustan






