पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को वर्चुअल मीटिंग कर राज्य में टीकाकरण महाअभियान की शुरुआत की. इसके तहत अगले छह महीने में अब बिहार में छह करोड़ लोगों को टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है. हर दिन 3.30 लाख लोगों को टीका लगाया जाएगा. टीकाकरण के लिए सूबे में छह हजार से ज्यादा केंद्र बनाए गए हैं जहां लोग जा कर टीका ले सकते हैं.

बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमलोग काम का प्रचार-प्रसार नहीं करते हैं बल्कि लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार करते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हर राज्यों को फ्री में वैक्सीनेशन करने के निर्णय को लेकर नीतीश कुमार ने उनका धन्यवाद दिया. छह महीने के अंदर हमलोग छह करोड़ लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाएंगे वह भी दोनों डोज. हमलोग केंद्र की गाइडलाइन का पालन करते हैं.

इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार में रिकवरी रेट 98.23 हो गई है. अन्य राज्यों के मुकाबले एक्टिव केस के मामले में बिहार का 21वां स्थान है. टीकाकरण के लिए 839 गाड़ियां शहर और गांवों में घूम रही हैं. इससे भी लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि बिहार पहला राज्य है जिसने मुफ्त में टीका लगाने की घोषणा की थी. उसके बाद फिर कई राज्यों ने किया. हालांकि अब प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी ने एलान कर दिया है कि हर राज्य के लोगों का मुफ्त में टीकाकरण किया जाएगा. पीएम मोदी और मुख्यमंत्री की जो सोच है उसे बिहार पूरा करके दिखाएगा.

उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि जिस तरह से बिहार में शराबबंदी कानून के लिए प्रचार-प्रसार और नुक्कड़ नाटक किया गया वह सराहनीय है. उसी तरीके से कोरोना टीकाकरण के महाअभियान को लेना होगा. यह सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि सबकी जिम्मेदारी है. वहीं, उप मुख्यमंत्री रेणू देवी ने बाढ़ वाले क्षेत्रों में सबसे पहले काम करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि अगर बाढ़ वाले क्षेत्रों में पहले टीकाकरण होगा तो इससे काफी सहूलियत होगी.
वहीं, शिक्षा विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इस टीकाकरण महाअभियान की शुरूआत करने के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा कि हमने कोरोना की पहली और दूसरी लहर देखी है. अब तो तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है. हमने दोनों लहर को देखा और यह अनुभव किया कि कोरोना टीकाकरण ही कोरोना को हराने के लिए जरूरी है. इसलिए इस अभियान के तहत टीकाकरण पर फोकस करना होगा.
Source : ABP News





