मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि हज पर जाने की इच्छा सबकी होती है, किन्तु जाते वही हैं, जिनको वहां से बुलावा आता है। आपके वहां जाने और दुआओं से कोरोना और जो नुकसान पहुंचाने वाली चीजें हैं, वह विश्व से खत्म हो जायें, यही कामना है।

मुख्यमंत्री रविवार को हज भवन में हज यात्रियों की रवानगी से पहले आयोजित दुआईया मजलिस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वहां जाकर दुआ मांगने से आपके अपने एवं आपके परिवार के साथ ही बिहार एवं देश का भी उत्थान होगा। आपस में प्रेम एवं भाईचारे का भाव रहेगा। वहां जाने से ऐसा वातावरण बनता है कि आपसी सौहार्द्र में बढ़ोतरी होती है। समाज व देश आगे बढ़ता है।

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने दुआईया मजलिस के मौके कहा कि इस साल बिहार से 2210 आजमीने हज इस मुकद्दस सफर पर जा रहे हैं। कार्यक्रम को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी एवं बिहार राज्य हज कमिटी के चेयरमैन अब्दुल हक ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधान पार्षद खालिद अनवर, खानकाह मुनीमिया मितनघाट के सज्जादानशीं हजरत मौलाना सैयद शमीमुद्दीन अहमद मुनअमी, बिहार सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष इरशादुल्ला, बिहार शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद अफजल अब्बास, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्घार्थ, प्रधान सचिव अल्पसंख्यक कल्याण शफीना एएन, बिहार राज्य हज कमेटी के पूर्व चेयरमैन मो. इलियास हुसैन उर्फ सोनू बाबू, बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. युनूस हकीम, पूर्व विधायक मुजाहिद आलम, प्रसिद्घ चिकित्सक डॉ. अब्दुल हई, बिहार राज्य हज समिति के सदस्य सैयद मिनहाजुद्दीन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, आजमीन ए हाजी एवं बिहार राज्य हज कमेटी से जुड़े लोग उपस्थित थे।

मजलिस कार्यक्रम में बिहार राज्य हज कमेटी के चेयरमैन अब्दुल हक ने मुख्यमंत्री को फूलों का गुलदस्ता, टोपी एवं अंगवस्त्रत्त् भेंटकर सम्मानित किया।
Source : Hindustan








