पूर्व गृह सचिव और बीएसएससी घोटाले के आरोपी आईएएस अधिकारी सुधीर कुमार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा है. शनिवार को तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार सरकार में एक आईएएस अधिकारी जो मुख्य सचिव के पद पर है पिछले 5-6 घंटे से थाने में बैठे हैं, उनकी एफआईआर दर्ज नहीं हो रही.

तेजस्वी ने कहा कि एक मुख्य सचिव स्तर का अधिकारी पूरे सबूतों के साथ मुख्यमंत्री और उनके अधिकारियों पर एफआईआर करने पहुंचता है लेकिन एफआईआर नहीं होती है. इस तरह से मुख्यमंत्री पर आरोप लगता हो और तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा हो. शिकायत दर्ज कर ली फिर पता चल जाएगा कि क्या मामला है. इसमें डर किस बात का है. इस मामले में तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सामने आकर बताना चाहिए.

गर्दनीबाग के एससी-एसटी थाना पहुंचे थे आईएएस आधिकारी
बता दें कि आईएएस अधिकारी सुधीर कुमार शनिवार को पटना के गर्दनीबाग स्थित एससी-एसटी थाने पहुंचे. हालांकि थाना पहुंचने के चार घंटे बाद भी उनकी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी. सुधीर कुमार का कहना है कि उन्होंने नीचे से लेकर ऊपर तक के लोगों के खिलाफ आवेदन दिया है. जालसाजी, झूठे कागजात बनाने और जाली एविडेंस जैसे मामले हैं.

हालांकि कई बार सवाल करने के बाद सुधीर कुमार ने कुछ लोगों के नाम बताए कि उन्होंने किन-किन लोगों के खिलाफ आवेदन दिया है. बाताया जाता है कि आवेदन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डीआईजी मनु महाराज समेत कई लोगों के नाम हैं जिसे देखकर थानेदार के भी होश उड़ गए. हालांकि सुधीर कुमार ने कहा कि वह अभी जबतक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो जाती वह पूरा मामला नहीं बता सकते
Input: abp news





