पटना पुलिस ने दानापुर में जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) के नेता सह दानापुर नगर परिषद उपाध्यक्ष दीपक मेहता हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है. पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मानवजीत सिंह ढिल्लों ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन करते हुए बताया कि दीपक मेहता की हत्या के पीछे जमीन विवाद सामने आया है. इस हत्याकांड में शूटर समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से हथियार और कारतूस बरामद किये गए हैं. साथ ही वारदात में इस्तेमाल किए गए मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने बरामद किया है. गिरफ्तार आरोपियों के नाम राजू कुमार, राजकुमार सहनी उर्फ बालक, मनोज कुमार और मोहम्मद आजाद हुसैन उर्फ पिंटू है.

एसएसपी ने बताया कि बीते 28 मार्च की रात के लगभग साढ़े नौ बजे दानापुर थाना क्षेत्र के नासरीगंज पुलिस चौकी के समीप मोटरसाइकिल सवार तीन से चार अपराधियों ने दीपक मेहता की गोली मारकर हत्या कर दी थी. सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची थी. पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला था. साथ ही मृतक के परिजनों, करीबियों और उनके कर्मचारियों के अलावा आस-पास पूछताछ की गई थी जिसमें यह पता चला था कि दीपक मेहता राजनीति में सक्रिय रहने के साथ-साथ जमीन कारोबार (प्रॉपर्टी डीलर) से भी जुड़े हुए थे. उनका पटना में कई जगहों पर जमीन क्रय-विक्रय का कारोबार था. उसी में बिस्कुट फैक्ट्री मोड़ मिथिला कॉलोनी, दानापुर में 52 कट्ठा जमीन को लेकर दीपक मेहता का रवि गोप और उसके साथी से विवाद हुआ था. इसके अलावा, दीघा में 29 कट्ठा प्लॉट को लेकर भी बुद्धा कॉलोनी के रहने वाले उमेश कुमार से विवाद चल रहा था.

मुख्य शूटर और इसमें शामिल अन्य लोग फरार
मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि जब इन दोनों मामलों की तफ्तीश की गई तो यह बात सामने आई कि पूर्व में पुलिस एसोसिएशन का पदेन सदस्य लाली का भी नाम सामने आया है जिसकी भी जांच की जा रही है. फिलहाल इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि मुख्य शूटर और इसमें शामिल कई अन्य लोग फरार हैं. पुलिस इन सभी की तलाश कर रही है. एसएसपी ने बताया कि मुख्य रूप से दीपक मेहता की हत्या जमीन विवाद में किया गया है जिसमें रवि गोप और उमेश कुमार मुख्य रूप से शामिल है जो अभी फरार है.









