भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने प्रदेश कार्यालय में बैठक में मत्स्यजीवी सोसायटी के मंत्रीगणों व निषाद समाज के लोगों की समस्याओं के समाधान में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिया। बैठक के बाद मीडिया को दिये बयान व सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए उन्होंने पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री मुकेश सहनी के प्रति नाराजगी जताई। दावा किया कि मत्स्यजीवी समाज के लिए जितना नुकसान मंत्री मुकेश सहनी ने किया, उतना पहले कभी नहीं हुआ था। परंपरागत मत्स्यजीवी के मापदंड में खुले (ओपन) आवेदन हो रहे हैं, जबकि मछुआरा कोऑपरेटिव सोसाइटी का सदस्य परंपरागत मत्स्यजीवी समाज का होना चाहिए। प्मंत्री को चेतावनी दी कि वे इस आदेश को निरस्त करें, नहीं तो उनपर कार्रवाई होगी।
डॉ. जायसवाल ने फेसबुक पोस्ट के जरिए कहा कि मंत्री जी ने मत्स्यजीवी सोसायटी के मंत्री पदों को समाप्त कर दिया व इसके बदले एक कार्यकारिणी का निर्माण कर दिया, जिसका प्रबंधन एक सरकारी पदाधिकारी के हाथों में है। यानी मछुआरा समाज के लोगों को उनके हक से वंचित किया गया। मैं इसकी भर्त्सना करता हूं। डॉ. जायसवाल ने लिखा कि मेरी सहकारिता मंत्री सुभाष सिंह से बात हुई है। उन्होंने बताया कि पशुपालन एवं मत्स्य मंत्री को पांच बार पत्र भेजा गया कि परंपरागत मछुआरा समाज को परिभाषित करें, पर उन्होंने जवाब नहीं भेजा है। गौर हो कि मुकेश सहनी पर भाजपा हमलावर है। पहले वीआईपी विधायकों का भाजपा में विलय हुआ। फिर सहनी से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांगा गया।
Source : Hindustan









