मुजफ्फरपुर : दो दिनों की बारिश सब्जी किसानों पर आफत बनकर टूटी है। जिले में 25-30 हजार हेक्टेयर से अधिक में किसान हरी सब्जियों की खेती किए हुए हैं। किसानों के अनुसार कुढ़नी में 10 एकड़ से अधिक में की गई भिंडी, कद्दू, नेनुआ, करेला और खीरा की खेती को बारिश से भारी नुकसान हुआ है। कटरा, बंदरा, मुरौल, सकरा, बोचहां, मुशहरी, मड़वन, कांटी और मीनापुर प्रखंडों में भी बारिश होने से खेतो में पानी लग गया है, जिसके कारण जो सब्जी अभी अंकुरित नहीं हो पाई है, उन्हें बचा पाना संभव नहीं है।

कुढ़नी के अमरख के किसान राजकिशोर, मो़ न्याज, राजू कुमार, पंकज कुमार तरुण आदि किसानों ने बताया कि अमरख समेत आसपास के गांवों के दो सौ से अधिक किसान 50 एकड़ से अधिक में भिंडी लगाए हुए हैं। अमरख के किसान राजकिशोर व मो़ न्याज ने बताया कि हमारे यहां दो एकड़ में लगी भिंडी पानी में डूब गयी, जिसके कारण अब पौधा नहीं निकल पाएगा। बीज पानी में ही सड़ जाएगा। इधर, कटरा के बकुची के किसान श्याम कुमार महतो ने बताया कि मेरे यहां 60 फीसदी किसान भिंडी की खेती करते हैं। कुछ ने बुआई की है, कुछ अभी करने के लिए खेत तैयार किए थे। पानी होने से अब फिर से बुआई में 15 दिन से अधिक बिलंब हो जाएगा।


इधर, बोचहां सर्फुद्दीनपुर के किसान मनोज चौधरी ने बताया कि फरवरी में मेरे यहां काफी संख्या में किसान सब्जी की खेती करते हैं। खेतों में जो पौधे निकल चुके हैं, उन्हें बचाने में किसान जुटे हुए हैं, मगर जो अंकुरित नहीं हो पाये हैं, उनको बचाना मुश्किल हो रहा है। डीएओ ने बताया कि यह प्राकृतिक आपदा है। जिले में 33 फीसदी से कम का नुकसान हुआ है। दलहन, तेलहन और सब्जी की फसल प्रभावित हुई है। इसका आंकलन कराया जा रहा है।
Source : Hindustan







