राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को डोरंडा कोषागार से जुड़े चारा घोटाले में पांच साल की सजा सुनाई गई है. स्पेशल कोर्ट के जज एसके शशि ने यह फैसला सुनाया. उनपर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

‘चारा घोटाला के अलावा देश में कोई घोटाला ही नहीं हुआ?’
लालू को सजा के ऐलान के बाद उनके बेटे तेजस्वी यादव ने कहा कि- मैं कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा. यह अंतिम फैसला नहीं है. हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट हैं. हमने इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी है और हमें उम्मीद है कि निचली अदालत का फैसला हाई कोर्ट में बदलेगा.

तेजस्वी ने आगे कहा कि चारा घोटाले के अलावा ऐसा लगता है कि देश में कोई घोटाला ही नहीं हुआ है. बिहार में लगभग 80 घोटाले हो चुके हैं लेकिन सीबीआई, ईडी, एनआईए कहां है? देश में एक ही घोटाला और एक नेता है. विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी को भूल गई है क्या सीबीआई?

‘बीजेपी से हाथ मिलाते तो राजा हरीशचंद्र कहलाते’
तेजस्वी यादव ने कहा कि- अगर लालू जी ने बीजेपी से हाथ मिलाया होता तो उन्हें राजा हरीशचंद्र कहा जाता लेकिन आज वो आरएसएस-बीजेपी के खिलाफ लड़ रहे हैं इसलिए उन्हें कारावास का सामना करना पड़ रहा है. हम इससे डरेंगे नहीं. बताते चलें कि डोरंडा कोषागार का मामला चारा घोटाले का सबसे बड़ा मामला था.
If Lalu Ji would have shaken hands with BJP then he would have been called Raja Harishchandra but today he is fighting against RSS- BJP hence he is facing imprisonment. We'll not get scared with this: RJD leader Tejashwi Yadav on conviction of Lalu Prasad Yadav in 5th fodder case pic.twitter.com/3AluQQV6vY
— ANI (@ANI) February 21, 2022
‘लालू के अपनों ने ही दर्ज कराए मामले’
वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि हमने उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं कराया है. जो लोग उनके साथ हैं, केवल उन्ही लोगों ने उनके खिलाफ मामले दर्ज कराए हैं. वे लोग मेरे पास भी आए लेकिन मैंने कहा नहीं. मैंने कहा कि आप एक मामला दर्ज करना चाहते हैं तो आप कर सकते हैं लेकिन यह मेरा काम नहीं है.

चारा घोटाले से जुड़े चार और मामलों में दोषी लालू
गौरतलब है कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू यादव को चारा घोटाले से जुड़े अन्य चार मामलों (दुमका, देवघर और चाईबासा) में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है. इसमें उनको कुल 14 साल की सजा हुई है. वहीं जुर्माने के तौर पर उनको अबतक 60 लाख रुपये देने पड़े हैं. इन मामलों में फिलहाल लालू बेल पर चल रहे हैं.

इन मामलों में भी उनको हाईकोर्ट से जमानत मिली थी. लोअर कोर्ट या ट्रायल कोर्ट ने उनको इसमें राहत नहीं दी थी. बाद में हाईकोर्ट में कुछ सजा काटने और खराब स्वास्थ्य दलील दी गई, जिसपर हाईकोर्ट ने उनको जमानत दी. लालू को यह राहत 42 महीने की सजा पूरी करने के बाद मिली थी.
लालू पर लगी आईपीसी की ये धाराएं
लालू यादव को आईपीसी की धारा 120B, 420, 409, 467, 468, 471, 477A और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तेहत 13 (1), 13 (2)C की धाराओं में दोषी पाया गया था.
Source : Aaj Tak








