राज्य के किसी भी विश्वविद्यालय व कॉलेज को नेशनल रैकिंग प्राप्त नहीं है. स्थिति ऐसी है कि नेशनल रैकिंग तो दूर उसके लिए आवेदन करने तक करने की स्थिति में राज्य के विवि व कॉलेज नहीं हैं. समस्या यह है कि नेशनल रैंकिंग में जाने के लिए नैक मान्यता प्राप्त होना बहुत जरूरी है. राज्य में सिर्फ दो ही विवि को नैक में मान्यता प्राप्त है. वहीं एक भी विवि ऐसा नहीं है, जिसे नैक में ‘ए’ या ‘ए प्लस’ ग्रेड प्राप्त हो. सिर्फ पटना विवि को नैक में ‘बी प्लस’ ग्रेड प्राप्त है, लेकिन विवि ने आवेदन नहीं किया. चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी की नैक मान्यता समाप्त थी और चूंकि अभी नैक में ‘बी’ ग्रेड प्राप्त हुआ है. वह भी इस सत्र के लिए आवेदन नहीं कर सका था.

पटना विवि अगली नेशनल रैंकिंग में लेगा भाग
पटना विश्वविद्यालय नेशनल रैंकिंग के लिए आवेदन कर सकता है. नैक में बी प्लस ग्रेड मिलने के बाद ही विवि के द्वारा उसके लिए आवेदन करने की बात कही जा रही है. लेकिन विगत कुछ वर्षों में कोरोना व कुछ अन्य वजहों से ऐसा विवि नहीं कर पाया. लेकिन विवि अगली प्रक्रिया के लिए आवेदन करने को लेकर तैयारी कर रहा है. पटना विश्वविद्यालय के स्टूडेट्स वेलफेयर डीन प्रो अनिल कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय नैक में बी प्लस मान्यता प्राप्त है और नेशनल रैंकिंग के लिए आवेदन कर सकता है.

पूर्व कुलपति बोले- गंभीर होकर ओर प्रयास की आवश्यकता
जो विवि व कॉलेज नैक में मान्यता प्राप्त हैं, उन्हें नेशनल रैंकिंग के लिए आवेदन करना चाहिए. नैक रैंकिंग के लिए उपयुक्त बिंदुओं के साथ कई और चीजों पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी. इसके लिए सिर्फ विवि ही नहीं सरकार को भी आगे आने होगा और समेकित प्रयास की जरूरत है. कई स्टेट विवि नेशनल रैंकिंग के लिए आवेदन करते हैं, और रैंकिंग में आ रहे हैं. राज्य के विवि अभी इसमें कोसों दूर हैं. गंभीर होकर ओर प्रयास की आवश्यकता है.
Source: Prabhat Khabar








