बिहार के कई इलाकों में गुरुवार को करीब 25 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज आंधी और कुछ देर के बाद ही हल्की और तेज बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया. इस दौरान कई जगहों पर ओले भी गिरते देखें गए. राज्य में इस दौरान अलग-अलग जगहों पर विभिन्न घटनाओं में 25 से 27 लोगों की मौत की खबर है. मरने वालों में मुजफ्फरपुर के पांच ,भागलपुर के चार लखीसराय और सारण के तीन-तीन, मुंगेर के दो जमुई ,बेगूसराय, बांका, पूर्णिया नालंदा, जहानाबाद और अररिया के एक-एक व्यक्ति शामिल हैं.

बताया जा रहा है कि कई जगहों पर कच्चे घर और पेड़ भी गिर गए जिससे आवागमन के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था भी ठप हो गई. आंधी पानी से मौसमी फल आम, लीची मक्का और सब्जी की फसलों को खासा नुकसान हुआ है.

मनेर में 5 नाव गंगा में डूबी
वहीं इस दौरान पटना के मनेर में पांच नावे गंगा में डूब गई जिसमें 50 मजदूर सवार थे, हालांकि सभी मजदूरों ने अपनी जान बचाई. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो वातावरण में नमी युक्त हवा का प्रवाह तापमान में बढ़ोतरी और मध्य बिहार से ट्रफ रेखा गुजरने के कारण आंधी और बारिश आई. अचानक से आए राज्य मे प्री मानसून गतिविधि सक्रिय हो गई हैं. दरअसल पिछले कई दिनों से वायुमण्डल में नमी की मात्रा में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी. बंगाल के खाड़ी क्षेत्र में मानसून का प्रवेश वैसे भी हो चुका है.

मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो पूर्व पश्चिम ट्रफ रेखा उत्तर पश्चिम यूपी से उप हिमालयी पश्चिम बंगाल तक मध्य बिहार से होकर गुजर रही है. इसके प्रभाव से 24 घंटे में और हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है. मौसम विज्ञान वज्ञान केंद्र पटना की ओर से येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं लोगों को सुरक्षित स्थान पर आने की चेतावनी मौसम विज्ञान केंद्र की तरफ से दी गई है.
Source : News18





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