राज्य के सात स्टेट हाइवे (राजकीय राजमार्ग) की चौड़ाई बढ़ेगी। एशियन विकास बैंक (एडीबी) की सहायता से पथ निर्माण विभाग इन सड़कों को कम से कम दो लेन बनाएगा। इससे इन सड़कों की मौजूदा चौड़ाई में प्राय: पांच फीट का इजाफा होगा और यह 21 फीट हो जाएगी। इन सड़कों के निर्माण से प्रत्यक्ष तौर पर नौ जिलों को लाभ होगा। इन सड़कों के निर्माण के लिए एडीबी ने कर्ज देने की सहमति दे दी है। बिहार राज्य पथ विकास निगम इन सड़कों का चौड़ीकरण करेगा।

एडीबी की सहायता से पहले भी राज्य की सड़कों का चौड़ीकरण हुआ है। पहले चरण में 824 किलोमीटर, दूसरे चरण में 628 किलोमीटर तो तीसरे चरण के पहले फेज में 231 किलोमीटर सड़कों का चौड़ीकरण हुआ है। अब तीसरे चरण के दूसरे फेज में 286 किलोमीटर लंबी इन सातों स्टेट हाइवे का चयन किया गया है। 2727 करोड़ 34 लाख कुल खर्च होगा, जिसमें से एडीबी से कर्ज के तौर पर 2303 करोड़ मिले हैं। इन सड़कों के निर्माण से कटिहार, पूर्णिया, बांका, किशनगंज, सहरसा, खगड़िया, पश्चिम चम्पारण, नवादा और औरंगाबाद जिलों को लाभ होगा। दो लेन बनने वाली इन सड़कों की चौड़ाई कम से कम 21 फीट हो जाएगी। सड़कों की चौड़ाई बढ़ने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि जिन क्षेत्रों की ये सड़कें हैं वहां जाम से भी मुक्ति मिलेगी।

इन सड़कों का होगा चौड़ीकरण
● कटिहार-बलरामपुर सड़क 62.88 किलोमीटर लंबी है। इस सड़क के चौड़ीकरण में 702 करोड़ 59 लाख खर्च होंगे।
● बायसी-बहादुरगंज दिघल बैंक सड़क की लंबाई 65.35 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर 602 करोड़ 24 लाख खर्च होगा।
● बांका के अमरपुर में बाइपास का निर्माण होगा। 5.35 किलोमीटर लंबे इस बाइपास के निर्माण पर 47 करोड़ खर्च होगा।
● मानसी-फरगो हॉल्ट-सिमरी बख्तियारपुर सड़क की लंबाई 28.08 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर 661 करोड़ 65 लाख खर्च होगा।
● बेतिया-नरकटियागंज की लंबाई 35.7 किलोमीटर है। इस सड़क के चौड़ीकरण पर 317 करोड़ 25 लाख खर्च होगा।
● मंझवे-गोविंदपुर की लंबाई 56.02 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर 211 करोड़ 7 लाख खर्च होगा।
● अंबा-देव-मदनपुर सड़क की लंबाई 32.47 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर 184 करोड़ 91 लाख खर्च होगा।
Source : Hindustan









